
आँखों का पानी मरा हम सबका यूँ आज,
सूख गये जल स्रोत सब इतनी आयी लाज|
गोपाल दास नीरज
A sky full of cotton beads like clouds

आँखों का पानी मरा हम सबका यूँ आज,
सूख गये जल स्रोत सब इतनी आयी लाज|
गोपाल दास नीरज
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