
जहाँ मरण जिसका लिखा वो बानक बन आए,
मृत्यु नहीं जाये कहीं, व्यक्ति वहाँ खुद जाए|
गोपाल दास नीरज
A sky full of cotton beads like clouds

जहाँ मरण जिसका लिखा वो बानक बन आए,
मृत्यु नहीं जाये कहीं, व्यक्ति वहाँ खुद जाए|
गोपाल दास नीरज
Leave a comment