
गागर में सागर भरे मुँदरी में नवरत्न,
अगर न ये दोहा करे, है सब व्यर्थ प्रयत्न|
गोपाल दास नीरज
A sky full of cotton beads like clouds

गागर में सागर भरे मुँदरी में नवरत्न,
अगर न ये दोहा करे, है सब व्यर्थ प्रयत्न|
गोपाल दास नीरज
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