
भूले से मुस्कुरा तो दिये थे वो आज ’फ़ैज़,’
मत पूछ वलवले दिले-नाकर्दःकार के|
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
A sky full of cotton beads like clouds

भूले से मुस्कुरा तो दिये थे वो आज ’फ़ैज़,’
मत पूछ वलवले दिले-नाकर्दःकार के|
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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