
तस्वीर के दो रुख़ हैं जाँ और ग़म-ए-जानाँ,
इक नक़्श छुपाना है इक नक़्श दिखाना है|
जिगर मुरादाबादी
A sky full of cotton beads like clouds

तस्वीर के दो रुख़ हैं जाँ और ग़म-ए-जानाँ,
इक नक़्श छुपाना है इक नक़्श दिखाना है|
जिगर मुरादाबादी
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