अब दिल को ख़ुदा रक्खे!

ख़ुद्दारी-ओ-महरूमी, महरूमी-ओ-ख़ुद्दारी,
अब दिल को ख़ुदा रक्खे अब दिल का ज़माना है|

जिगर मुरादाबादी

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