
बाहर सहन में पेड़ों पर कुछ जलते-बुझते जुगनू थे,
हैरत है फिर घर के अन्दर किसने आग लगाई है|
क़तील शिफ़ाई
A sky full of cotton beads like clouds

बाहर सहन में पेड़ों पर कुछ जलते-बुझते जुगनू थे,
हैरत है फिर घर के अन्दर किसने आग लगाई है|
क़तील शिफ़ाई
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