एक अंदाजे-तुर्कमानी भी!

सर से पा तक सिपुर्दगी की अदा,
एक अंदाजे-तुर्कमानी भी।

फ़िराक़ गोरखपुरी

2 responses to “एक अंदाजे-तुर्कमानी भी!”

  1. बहुत सुंदर

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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