
मोहब्बत सोज़ भी है साज़ भी है,
ये ख़ामोशी भी है आवाज़ भी है|
अर्श मलसियानी
A sky full of cotton beads like clouds

मोहब्बत सोज़ भी है साज़ भी है,
ये ख़ामोशी भी है आवाज़ भी है|
अर्श मलसियानी
Leave a comment