
जाने किस मोड़ पे मिट जाएँ निशाँ मंज़िल के,
राह के ठौर-ठिकानों से बनाए रखना|
हादसे हौसले तोड़ेंगे सही है फिर भी,
चंद जीने के बहानों से बनाए रखना|
बालस्वरूप राही
A sky full of cotton beads like clouds

जाने किस मोड़ पे मिट जाएँ निशाँ मंज़िल के,
राह के ठौर-ठिकानों से बनाए रखना|
हादसे हौसले तोड़ेंगे सही है फिर भी,
चंद जीने के बहानों से बनाए रखना|
बालस्वरूप राही
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