जो न बिके मूरख कहलाए!

तड़क-भड़क संतो की ऐसी,
दुनियादार देख शरमाए ।

जो बिक जाता धन्य वही है,
जो न बिके मूरख कहलाए ।

बालस्वरूप राही

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