
झूठे जग में सच्चे सुख की,
क्या तो कोई आस लगाए ।
देवालय हो या मदिरालय,
जहाँ गए जाकर पछताए ।
बालस्वरूप राही
A sky full of cotton beads like clouds

झूठे जग में सच्चे सुख की,
क्या तो कोई आस लगाए ।
देवालय हो या मदिरालय,
जहाँ गए जाकर पछताए ।
बालस्वरूप राही
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