
अब है टूटा सा दिल खुद से बेज़ार सा,
इस हवेली में लगता था दरबार सा|
बशीर बद्र
A sky full of cotton beads like clouds

अब है टूटा सा दिल खुद से बेज़ार सा,
इस हवेली में लगता था दरबार सा|
बशीर बद्र
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