
मेरा माज़ी फिर कुरेदा आपने।
कर दिया हर ज़ख़्म ताज़ा आपने।
नक़्श लायलपुरी
A sky full of cotton beads like clouds

मेरा माज़ी फिर कुरेदा आपने।
कर दिया हर ज़ख़्म ताज़ा आपने।
नक़्श लायलपुरी
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