
वो पास बैठें तो आती है दिलरुबा ख़ुश्बू,
वो अपने होठों पे खिलते गुलाब रखते हैं|
हसरत जयपुरी
A sky full of cotton beads like clouds

वो पास बैठें तो आती है दिलरुबा ख़ुश्बू,
वो अपने होठों पे खिलते गुलाब रखते हैं|
हसरत जयपुरी
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