
ज़िंदगी तूने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मीं,
पाँव फैलाऊँ तो दीवार में सर लगता है|
बशीर बद्र
A sky full of cotton beads like clouds

ज़िंदगी तूने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मीं,
पाँव फैलाऊँ तो दीवार में सर लगता है|
बशीर बद्र
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