
अकेला इश्क़ है हिज्रो-विसाल* कुछ भी नहीं,
बस एक आलमे-दीवानगी है और मैं हूं|
(*विरह और मिलन)
कृष्ण बिहारी ‘नूर’
A sky full of cotton beads like clouds

अकेला इश्क़ है हिज्रो-विसाल* कुछ भी नहीं,
बस एक आलमे-दीवानगी है और मैं हूं|
(*विरह और मिलन)
कृष्ण बिहारी ‘नूर’
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