
जो हज़ारों चमन से महकदार था,
क्या किसी से कहें वह सुमन खो गया|
रामावतार त्यागी
A sky full of cotton beads like clouds

जो हज़ारों चमन से महकदार था,
क्या किसी से कहें वह सुमन खो गया|
रामावतार त्यागी
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