
उस सिम्त मुझको यार ने जाने नहीं दिया,
एक और शहर-ए-यार में आने नहीं दिया|
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds

उस सिम्त मुझको यार ने जाने नहीं दिया,
एक और शहर-ए-यार में आने नहीं दिया|
मुनीर नियाज़ी
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