
वो हुस्न-ए-नौबहार अबद शौक़ जिस्म सुन,
रहना था उसको साथ मेरे, पर नहीं रहा|
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds

वो हुस्न-ए-नौबहार अबद शौक़ जिस्म सुन,
रहना था उसको साथ मेरे, पर नहीं रहा|
मुनीर नियाज़ी
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