
इस घर में जो कशिश थी, गई उन दिनों के साथ,
इस घर का साया अब मेरे सर पर नहीं रहा|
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds

इस घर में जो कशिश थी, गई उन दिनों के साथ,
इस घर का साया अब मेरे सर पर नहीं रहा|
मुनीर नियाज़ी
Leave a comment