
मेरे ख़ुदा मैं अपने ख़यालों को क्या करूँ,
अंधों के इस नगर में उजालों को क्या करूँ|
राजेश रेड्डी
A sky full of cotton beads like clouds

मेरे ख़ुदा मैं अपने ख़यालों को क्या करूँ,
अंधों के इस नगर में उजालों को क्या करूँ|
राजेश रेड्डी
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