
मेहमान बन के आये किसी रोज़ अगर वो शख़्स,
उस रोज़ बिन सजाये मेरा घर सजा लगे|
क़तील शिफ़ाई
A sky full of cotton beads like clouds

मेहमान बन के आये किसी रोज़ अगर वो शख़्स,
उस रोज़ बिन सजाये मेरा घर सजा लगे|
क़तील शिफ़ाई
Leave a comment