जो नहीं मिला उसे भूल जा!

कहाँ आके रुकने थे रास्ते, कहाँ मोड़ था उसे भूल जा,
जो मिल गया उसे याद रख, जो नहीं मिला उसे भूल जा।

अमजद इस्लाम

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