
मेरी मुट्ठी में सुलगती रेत रखकर चल दिया,
कितनी आवाज़ें दिया करता था ये दरिया मुझे|
बशीर बद्र
A sky full of cotton beads like clouds

मेरी मुट्ठी में सुलगती रेत रखकर चल दिया,
कितनी आवाज़ें दिया करता था ये दरिया मुझे|
बशीर बद्र
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