
सँवार नोक पलक अबरूओं में ख़म कर दे,
गिरे पड़े हुए लफ्ज़ों को मोहतरम कर दे|
बशीर बद्र
A sky full of cotton beads like clouds

सँवार नोक पलक अबरूओं में ख़म कर दे,
गिरे पड़े हुए लफ्ज़ों को मोहतरम कर दे|
बशीर बद्र
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