
कोई कहता था समुन्दर हूँ मैं
और मेरी जेब में क़तरा भी नहीं,
ख़ैरियत अपनी लिखा करता हूँ
अब तो तक़दीर में ख़तरा भी नहीं|
कैफ़ी आज़मी
A sky full of cotton beads like clouds

कोई कहता था समुन्दर हूँ मैं
और मेरी जेब में क़तरा भी नहीं,
ख़ैरियत अपनी लिखा करता हूँ
अब तो तक़दीर में ख़तरा भी नहीं|
कैफ़ी आज़मी
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