
मैं जब लौटा तो कोई और ही आबाद था “बेकल”,
मैं इक रमता हुआ जोगी, नहीं कोई मकाँ मेरा|
बेकल उत्साही
A sky full of cotton beads like clouds

मैं जब लौटा तो कोई और ही आबाद था “बेकल”,
मैं इक रमता हुआ जोगी, नहीं कोई मकाँ मेरा|
बेकल उत्साही
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