
सुनहरी सरज़मीं मेरी, रुपहला आसमाँ मेरा,
मगर अब तक नहीं समझा, ठिकाना है कहाँ मेरा|
बेकल उत्साही
A sky full of cotton beads like clouds

सुनहरी सरज़मीं मेरी, रुपहला आसमाँ मेरा,
मगर अब तक नहीं समझा, ठिकाना है कहाँ मेरा|
बेकल उत्साही
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