
कभी लहू से भी तारीख़ लिखनी पड़ती है,
हर एक मारका बातों से सर नहीं होता|
वसीम बरेलवी
A sky full of cotton beads like clouds

कभी लहू से भी तारीख़ लिखनी पड़ती है,
हर एक मारका बातों से सर नहीं होता|
वसीम बरेलवी
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