
हर पनघट पर मेरे फ़साने, चौपालों पर ज़िक्र मेरा,
मेरी ही बातें होती हैं बस्ती के चौबारों में।
नक़्श लायलपुरी
A sky full of cotton beads like clouds

हर पनघट पर मेरे फ़साने, चौपालों पर ज़िक्र मेरा,
मेरी ही बातें होती हैं बस्ती के चौबारों में।
नक़्श लायलपुरी
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