
इस कू-ए-तिश्नगी में बहुत है के एक जाम,
हाथ आ गया है दौलत-ए-बेदार की तरह|
मजरूह सुल्तानपुरी
A sky full of cotton beads like clouds

इस कू-ए-तिश्नगी में बहुत है के एक जाम,
हाथ आ गया है दौलत-ए-बेदार की तरह|
मजरूह सुल्तानपुरी
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