
‘मजरूह’ लिख रहे हैं वो अहल-ए-वफ़ा का नाम,
हम भी खड़े हुए हैं गुनहगार की तरह|
मजरूह सुल्तानपुरी
A sky full of cotton beads like clouds

‘मजरूह’ लिख रहे हैं वो अहल-ए-वफ़ा का नाम,
हम भी खड़े हुए हैं गुनहगार की तरह|
मजरूह सुल्तानपुरी
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