
बहाना ढूँढते रहते हैं कोई रोने का,
हमें ये शौक़ है क्या आस्तीं भिगोने का|
जावेद अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds

बहाना ढूँढते रहते हैं कोई रोने का,
हमें ये शौक़ है क्या आस्तीं भिगोने का|
जावेद अख़्तर
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