
जाने किसका ज़िक्र है इस अफ़साने में,
दर्द मज़े लेता है जो दुहराने में|
गुलज़ार
A sky full of cotton beads like clouds

जाने किसका ज़िक्र है इस अफ़साने में,
दर्द मज़े लेता है जो दुहराने में|
गुलज़ार
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