
शाम के साये बालिस्तों से नापे हैं,
चाँद ने कितनी देर लगा दी आने में|
गुलज़ार
A sky full of cotton beads like clouds

शाम के साये बालिस्तों से नापे हैं,
चाँद ने कितनी देर लगा दी आने में|
गुलज़ार
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