तोहमत मेरे नाम तक न पहुँचे!

ग़मे-आशिक़ी से कह दो रहे–आम तक न पहुँचे,
मुझे ख़ौफ़ है ये तोहमत मेरे नाम तक न पहुँचे।

शकील बदायूँनी

2 responses to “तोहमत मेरे नाम तक न पहुँचे!”

  1. वाह, बहुत्र खूब |

    Like

    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      हार्दिक धन्यवाद जी।

      Like

Leave a comment