
क्या शय थी किसी की पहली नज़र कुछ इसके अलावा याद नहीं,
इक तीर सा दिल में जैसे लगा पैवस्त हुआ और टूट गया|
शमीम जयपुरी
A sky full of cotton beads like clouds

क्या शय थी किसी की पहली नज़र कुछ इसके अलावा याद नहीं,
इक तीर सा दिल में जैसे लगा पैवस्त हुआ और टूट गया|
शमीम जयपुरी
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