
धूप में निकलो घटाओं में नहाकर देखो
ज़िन्दगी क्या है, किताबों को हटाकर देखो |
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds

धूप में निकलो घटाओं में नहाकर देखो
ज़िन्दगी क्या है, किताबों को हटाकर देखो |
निदा फ़ाज़ली
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