कोई पेड़ प्यास से मर रहा है!

कई मील रेत को काटकर, कोई मौज फूल खिला गई,
कोई पेड़ प्यास से मर रहा है, नदी के पास खड़ा हुआ ।

बशीर बद्र

Leave a comment