
एक रिंद-ए-मस्त की ठोकर में है,
शाहियाँ, सुल्तानियाँ, दराइयाँ|
कैफ़ भोपाली
A sky full of cotton beads like clouds

एक रिंद-ए-मस्त की ठोकर में है,
शाहियाँ, सुल्तानियाँ, दराइयाँ|
कैफ़ भोपाली
Leave a comment