
दुख किसी का हो छलक उठती हैं मेरी आँखें,
सारी मिट्टी मेरे तालाब में आ जाती है|
मुनव्वर राना
A sky full of cotton beads like clouds

दुख किसी का हो छलक उठती हैं मेरी आँखें,
सारी मिट्टी मेरे तालाब में आ जाती है|
मुनव्वर राना
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