
गली में शोर था मातम था और होता क्या,
मैं घर में था मगर इस गुल में कोई सोता क्या|
जावेद अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds

गली में शोर था मातम था और होता क्या,
मैं घर में था मगर इस गुल में कोई सोता क्या|
जावेद अख़्तर
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