
समझ जाते हैं दरिया के मुसाफ़िर,
जहाँ में हूँ वहाँ मझधार होगा|
राजेश रेड्डी
A sky full of cotton beads like clouds

समझ जाते हैं दरिया के मुसाफ़िर,
जहाँ में हूँ वहाँ मझधार होगा|
राजेश रेड्डी
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