
आवारा हैं गलियों में मैं और मेरी तनहाई,
जाएँ तो कहाँ जाएँ हर मोड़ पे रुसवाई|
अली सरदार जाफ़री
A sky full of cotton beads like clouds

आवारा हैं गलियों में मैं और मेरी तनहाई,
जाएँ तो कहाँ जाएँ हर मोड़ पे रुसवाई|
अली सरदार जाफ़री
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