
जिसमें रहकर सुकूं से गुजारा करूँ
मुझको अहसास का ऐसा घर चाहिए।
कन्हैयालाल नंदन
A sky full of cotton beads like clouds

जिसमें रहकर सुकूं से गुजारा करूँ
मुझको अहसास का ऐसा घर चाहिए।
कन्हैयालाल नंदन
Leave a comment