
शोर की इस भीड़ में ख़ामोश तन्हाई सी तुम,
ज़िंदगी है धूप, तो मद-मस्त पुरवाई सी तुम|
कुँअर बेचैन
A sky full of cotton beads like clouds

शोर की इस भीड़ में ख़ामोश तन्हाई सी तुम,
ज़िंदगी है धूप, तो मद-मस्त पुरवाई सी तुम|
कुँअर बेचैन
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