
कभी बस्तियाँ दिल की यूँ भी बसीं,
दुकानें खुलीं, कारख़ाने लगे|
बशीर बद्र
A sky full of cotton beads like clouds

कभी बस्तियाँ दिल की यूँ भी बसीं,
दुकानें खुलीं, कारख़ाने लगे|
बशीर बद्र
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