शाम आई तो मर गया कोई!

दिन किसी तरह कट गया लेकिन,
शाम आई तो मर गया कोई|

सूर्यभानु गुप्त

2 responses to “शाम आई तो मर गया कोई!”

  1. वाह, बहुत खूब |

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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