
दिन डूबे हैं या डूबे बारात लिये कश्ती,
साहिल पे मगर कोई कोहराम नहीं होता|
मीना कुमारी
A sky full of cotton beads like clouds

दिन डूबे हैं या डूबे बारात लिये कश्ती,
साहिल पे मगर कोई कोहराम नहीं होता|
मीना कुमारी
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